Hindi

भगवद्गीता अध्याय 17 श्लोक 23

श्रद्धात्रयविभागयोग · श्लोक 23

17.23

श्लोक 23

ॐतत्सदिति निर्देशो ब्रह्मणस्त्रिविधः स्मृतः |

ब्राह्मणास्तेन वेदाश्च यज्ञाश्च विहिताः पुरा ||१७-२३||

अनुवाद

।।17.23।। 'ऊँ, तत् सत्' ऐसा यह ब्रह्म का त्रिविध निर्देश (नाम) कहा गया है; उसी से आदिकाल में (पुरा) ब्राहम्ण, वेद और यज्ञ निर्मित हुए हैं।।

अधिक अनुवाद और भाष्य IIT कानपुर गीता सुपरसाइट पर

केवल पढ़ने से कहीं अधिक—
अपने स्वयं के ध्यान वीडियो बनाएं।

पवित्र श्लोकों को दुनिया के साथ साझा करने के लिए सुंदर, सिनेमाई वीडियो में बदलें। अपनी पृष्ठभूमि चुनें, मंत्रोच्चार ऑडियो जोड़ें, और आधुनिक प्रारूप में गीता के प्रकाश को फैलाएं।

इन सुविधाओं के लिए ऐप डाउनलोड करें

  • उच्च गुणवत्ता वाली पृष्ठभूमि कलाकृति
  • सिंक किया गया संस्कृत और अर्थ पाठ
  • इमर्सिव चैंटिंग और संगीत
Video Generation Preview

गहरे विसर्जन का अनुभव करें

नित्य गीता के पूर्ण संस्करण के साथ एक सिनेमाई आध्यात्मिक यात्रा शुरू करें। उच्च गुणवत्ता वाला मंत्रोच्चार, प्रामाणिक अनुवाद, और आपके हाथ की हथेली में एक शांतिपूर्ण ध्यान अभयारण्य।