Hindi

भगवद्गीता अध्याय 17 श्लोक 4

श्रद्धात्रयविभागयोग · श्लोक 4

17.4

श्लोक 4

यजन्ते सात्त्विका देवान्यक्षरक्षांसि राजसाः |

प्रेतान्भूतगणांश्चान्ये यजन्ते तामसा जनाः ||१७-४||

अनुवाद

।।17.4।। सात्त्विक पुरुष देवताओं को पूजते हैं और राजस लोग यक्ष और राक्षसों को, तथा अन्य तामसी जन प्रेत और भूतगणों को पूजते हैं।।

अधिक अनुवाद और भाष्य IIT कानपुर गीता सुपरसाइट पर

केवल पढ़ने से कहीं अधिक—
अपने स्वयं के ध्यान वीडियो बनाएं।

पवित्र श्लोकों को दुनिया के साथ साझा करने के लिए सुंदर, सिनेमाई वीडियो में बदलें। अपनी पृष्ठभूमि चुनें, मंत्रोच्चार ऑडियो जोड़ें, और आधुनिक प्रारूप में गीता के प्रकाश को फैलाएं।

इन सुविधाओं के लिए ऐप डाउनलोड करें

  • उच्च गुणवत्ता वाली पृष्ठभूमि कलाकृति
  • सिंक किया गया संस्कृत और अर्थ पाठ
  • इमर्सिव चैंटिंग और संगीत
Video Generation Preview

गहरे विसर्जन का अनुभव करें

नित्य गीता के पूर्ण संस्करण के साथ एक सिनेमाई आध्यात्मिक यात्रा शुरू करें। उच्च गुणवत्ता वाला मंत्रोच्चार, प्रामाणिक अनुवाद, और आपके हाथ की हथेली में एक शांतिपूर्ण ध्यान अभयारण्य।