Maithili
श्रीमद भगवद गीता अध्याय 2 श्लोक 25
गणना · पद 25
2.25
पद 25
अटल, अटल आ अटल रहबाक आवश्यकता अछि।
अनुवाद
.. 2. 25. एहि आत्माकें अवास्तविक, अवास्तविक आ अवास्तविक कहल जाइत अछि। 16 तेँ अहाँ सभ जनैत छी जे एहि तरहेँ शोक करऽ उचित नहि अछि।
Maithili
गणना · पद 25
अटल, अटल आ अटल रहबाक आवश्यकता अछि।
.. 2. 25. एहि आत्माकें अवास्तविक, अवास्तविक आ अवास्तविक कहल जाइत अछि। 16 तेँ अहाँ सभ जनैत छी जे एहि तरहेँ शोक करऽ उचित नहि अछि।
पवित्र श्लोककेँ दुनियाक सङ्ग साझा करबाक लेल सुन्दर, सिनेमाई वीडियोमे बदलि दियौक। अपन पृष्ठभूमि चुनू, मंत्र ऑडियो जोड़ू, आ आधुनिक प्रारूपमे गीताक प्रकाशकेँ फैलाउ।
एहि सुविधासभ लेल ऐप डाउनलोड करू
नित्य गीताक पूर्ण संस्करणक सङ्ग सिनेमाई आध्यात्मिक यात्राक शुरुआत करू। उच्च गुणवत्ता वाला मंत्र, प्रामाणिक अनुवाद, आ अपन हाथ के हथेली मे एक शांतिपूर्ण ध्यान अभयारण्य।
अहाँक योगदान हमरा सभकेँ गीताक ज्ञान सभकेँ, सर्वत्र उपलब्ध कराबयमे मदति करैत अछि।
कोनो यूपीआई ऐपसँ स्कैन करू
जी. पी. ए., फोनपे, पेटीएम, आदि